रविवार, मार्च 12

होली है !


होली है !

होली जगाती है 
तमस की नींद से 
जड़ता की कैद से 

होली जलाती है 
आपस के वैर को
द्वेष के जहर को 

होली बताती है 
प्रीत की रीत को 
सत्य की जीत को

होली सिखाती है 
रंगों की भाषा से  
जीवन की आशा से 

होली पढ़ाती है 
कथा प्रहलाद की 
राधा व श्याम की 

होली भर जाती  है 
राग और रंग से 
दिल की उमंग से   


7 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर शब्द रचना
    होली की शुभकामनाएं
    http://savanxxx.blogspot.in

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  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 16-03-2017 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2606 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

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    1. बहुत बहुत आभार दिलबाग जी !

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